मधुपुर/ Md. Aslam शहर के बेलपाड़ा स्थित कोर्ट मोड़ पर डॉ. आंबेडकर प्रतिमा स्थल से गुरुवार 1 जनवरी को नव वर्ष के अवसर पर ‘शौर्य गाथा दिवस’ के तहत सात दिवसीय जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. यह रथ प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन के प्रतिनिधि शब्बीर हसन द्वारा रवाना किया गया.

इस मौके पर शब्बीर हसन ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और कहा कि आज देश में कुछ फिरकापरस्त ताकतें संविधान निर्माता डॉ. आंबेडकर के विचारों और सम्मान को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं. उन्होंने 1 जनवरी 1818 को हुई भीमा कोरेगांव की ऐतिहासिक लड़ाई को याद करते हुए कहा कि इस युद्ध में महार समुदाय ने पेशवा की सेना को पराजित कर आत्मसम्मान, साहस और शौर्य की मिसाल कायम की थी.
कार्यक्रम में वक्ता संतोष बौद्ध ने पेशवाकालीन अत्याचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भीमा कोरेगांव की विजय दलित समाज के गौरव और संघर्ष का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि यही ऐतिहासिक संघर्ष डॉ. आंबेडकर के विचारों और सामाजिक आंदोलन की प्रेरणा बना.
जागरूकता रथ आगामी सात दिनों तक पथरोल, पनियारा, माधोपुर, रुपाबाद, संघरा और राउतडीह गांवों का भ्रमण करेगा. इस दौरान ग्रामीणों को डॉ. आंबेडकर के जीवन, संविधान के मूल्यों, सामाजिक न्याय और समानता के विचारों से अवगत कराया जाएगा.
कार्यक्रम में कुंदन भगत, इंद्रजीत भारती, रामू आनंद, राजेंद्र प्रसाद दास, गंगा प्रसाद दास, सुनील दास, पंकज कुमार दास, गंगा दास, रूपेश कुमार दास, रितेश कुमार दास, मो. अली सहित दर्जनों कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे.

