मधुपुर/ Md. Aslam

वरिष्ठ पत्रकार फिरोज़ खान के पिता गुलाम मुस्तफ़ा ख़ान का इलाज के दौरान दुर्गापुर के एक अस्पताल में इंतक़ाल हो गया. मरहूम की उम्र लगभग 80 वर्ष थी. वे मधुपुर शहर के लखना मोहल्ला के निवासी थे. उनके निधन की ख़बर मिलते ही पूरे मोहल्ले और आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.
मंगलवार को ज़ोहर की नमाज़ के बाद दोपहर करीब 2 बजे लखना मोहल्ला स्थित कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया.
जनाज़े की नमाज़ हज़रत मौलाना अब्दुल रज़्ज़ाक़ मिस्बाही ने अदा कराई. इसके बाद मरहूम की मग़फ़िरत और ईसाले-सवाब के लिए सामूहिक दुआ की गई. जनाज़े में बड़ी संख्या में लोग शरीक हुए. इस दौरान हज़रत मौलाना मुबाशिरुल इस्लाम नूरी, हाजी रिज़वान अयुबी, हाजी नौशाद आलम, हाजी अब्दुल शकूर अंसारी, पत्रकार राशिद ख़ान, पत्रकार अरशद मधुपुरी, पत्रकार शाक़िब ख़ान, एडवोकेट सोहेल अख़्तर अंसारी, एडवोकेट क़िस अख़्तर, बुलंद अख़्तर अंसारी, जावेद अख़्तर अंसारी, अशरफ़ ख़ान, अख़्तर ख़ान, रॉकी ख़ान, फिरोज़ ख़ान, महफ़ूज़ ख़ान, साहद ख़ान सहित बड़ी संख्या में रिश्तेदार, शुभचिंतक और मोहल्लेवासी मौजूद थे.
मरहूम गुलाम मुस्तफ़ा ख़ान अपने पीछे दो पुत्र, दो पुत्रियां और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. वे एक नेकदिल, मिलनसार और परहेज़गार इंसान थे. ग़रीबों और ज़रूरतमंदों के प्रति उनकी गहरी हमदर्दी थी. उनके इंतक़ाल से इलाके ने एक शरीफ़ और समाजसेवी शख़्सियत को खो दिया है.

