लोहरदगा: मानसून की पहली बारिश ने जिले में चल रहे विकास योजनाओं में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है. जहां जिला मुख्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर कचहरी चौक के समीप 49 लाख की लागत से बन रहे मॉडल अखाड़ा में बड़ी अनियमितता उजागर हुई है.

अखाड़ा के निर्माण में पिलर के जगह पर मिट्टी भर दिया गया. साथ ही दो नंबर ईट का प्रयोग निर्माण कार्य में किया जा रहा है. जिससे अखाड़ा के दीवारों में दरार पड़ना शुरू हो गया है. वहीं मॉडल अखाड़ा का दीवार और बिंब पहली बारिश में ही ध्वस्त हो गया. जिसे लेकर आदिवासी समाज में काफी आक्रोश देखा जा रहा है. आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों के लोगों ने डीसी से मिलकर इस कार्य में संलिप्त अधिकारियों और संवेदक पर करवाई की मांग की है. आदिवासी समाज के लोगो ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए कहा है जिले मुख्यालय के समीप इतनी बड़ी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार होना ठीक नहीं है. कार्य स्थल पर किसी तरह का सूचनापट्ट भी नहीं है स्थानीय विधायक के चहेते लोगों द्वारा कार्य कराया जा रहा है इसलिए अधिकारी भी मामले को लेकर मौन है. निर्माण कार्य में गुणवत्ता पूर्ण मैटीरियल प्रयोग नहीं किया जा रहा है जिस कारण से निर्माणधीन अखाड़ा ढह गया है. आदिवासी समाज ने पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर करवाई की मांग की है. वहीं अखाड़ा का निर्माण कार्य देख रहे मुंशी ने अनियमितता की बात स्वीकारते हुए कहा बारिश के कारण अखाड़ा ढह गया जिसमे सुधार किया जा रहा है.

