कुकड़ू: सरायकेला- खरसवां जिले के चांडिल अनुमंडल में गजराजों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. अनुमंडल का शायद ही कोई ऐसा प्रखंड होगा जहां हाथियों ने ग्रामीणों को अपना निशाना नहीं बनाया हो. शुक्रवार की शाम कुकडू प्रखंड के डाटम गांव के टोला बनघर में जंगली हाथियों ने एक बच्चे को पटककर मार डाला. जिससे गांव में मातम छा गया है.

बताया जाता है कि कुकडू के डाटम गांव के विभीषण महतो अपने दो बेटों के साथ कुकडू हाट से घर लौट रहा था. तीनों बाप- बेटा कुकडू हाट मुर्गा बेचने गया हुआ था. शाम करीब 4:30 बजे घर के समीप ही जंगली हाथी ने दस वर्षीय लालमोहन महतो को कुचलकर मार दिया. बताया जाता है कि लालमोहन महतो ने घर लौटते समय घर के नजदीक झाड़ियों में शौच करने को गया था. वह डाटम मध्य विद्यालय का छात्र था.
उधर घटना की सूचना मिलते ही आजसू के केंद्रीय सचिव हरेलाल महतो घटनास्थल पर पहुंचे और वन विभाग के खिलाफ विरोध जताया. हरेलाल महतो ने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण यह घटना घटी है. पूरे विधानसभा क्षेत्र में हाथियों का प्रकोप है. इसके बावजूद विभाग सचेत नहीं है. लोगों को सतर्क रखना विभाग का दायित्व है. वन विभाग इस बच्चे के मौत का जिम्मेदार है.
हरेलाल महतो ने कहा कि जनता को मौत के घाट उतारने वाली वन विभाग का मंत्री मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं. इस मंत्रालय पर मुख्यमंत्री स्वयं काबिज हैं, लेकिन हाथियों पर नियंत्रण नहीं है. इससे साफ पता चल रहा है कि हेमंत सोरेन से विभाग संभालना संभव नहीं है. घटना की जानकारी पर स्थानीय पुलिस पहुंची और शव का पंचनामा किया. वहीं, देर रात वन विभाग के रेंजर, फोरेस्टर व वनरक्षी भी पहुंचे.

