सरायकेला: कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने और कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध किए जाने की मांग को लेकर शनिवार को ‘रेल टेका- डाहेर छेका’ अभियान की शुरुआत हो गई है. जिला और रेल पुलिस-प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

जिले की पहली तस्वीर के अनुसार आंदोलनकारियों ने धारा 144 को देखते हुए अपने आंदोलन की रणनीति में बदलाव किया है. कांड्रा रेलवे स्टेशन पर स्थिति फिलहाल सामान्य है और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं. समाचार लिखे जाने तक यहां आंदोलनकारी नहीं जुटे हैं.

वहीं कांड्रा-सिनी रेलखंड के मुंडाटांड रेलवे ट्रैक पर आंदोलनकारियों ने कब्जा कर लिया है. लगभग 300 से अधिक प्रदर्शनकारी ट्रैक पर जमा होकर नारेबाजी कर रहे हैं. धारा 144 लागू होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे हैं. प्रशासन हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है.

