कोडरमा: जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण तिलैया डैम का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शनिवार रात तिलैया डैम के आठ गेट खोल दिए गए हैं और हर सेकंड एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. डैम से पानी छोड़े जाने के बाद डीवीसी प्रबंधन ने कोडरमा जिला प्रशासन के साथ ही गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और जामताड़ा जिले को अलर्ट जारी किया है.

डैम के आसपास के गांवों में भी माइकिंग के जरिये लोगों को सतर्क किया जा रहा है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी और डैम के किनारे न जाएं. तिलैया डैम के हेडल इंचार्ज सैयद महताब कादरी की अगुवाई में तकनीकी टीम लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
बताया गया कि डैम का गेट खोले जाने से पहले रात में पांच बार सायरन बजाकर लोगों को आगाह किया गया. एहतियात के तौर पर डैम पर वोटिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है और आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. सैयद महताब कादरी ने बताया कि डैम का वाटर लेवल खतरे के निशान को छू रहा था और मौसम विभाग के अनुसार अगले दिनों में भारी बारिश की संभावना है. ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आठ गेट खोलकर हर सेकंड एक हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है. इसके साथ ही पनबिजली उत्पादन केंद्र से भी हर सेकंड 650 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.
इधर नौ सालों के बाद डैम का गेट खोला गया है. इस नजारे को देखने बड़ी संख्या में लोग तिलैया डैम पर पहुंच रहे हैं और तस्वीरें व सेल्फी ले रहे हैं. प्रशासन ने हालांकि आम लोगों से अपील की है कि वे भीड़ न लगाएं और सुरक्षा के नियमों का पालन करें.

