खरसावां : खरसावां के कृषि तकनीकि सूचना केन्द्र में कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग झारखंड सरकार के विर्तीय वर्ष 2023-24 के द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत ब्लोक चेन टेक्नोलॉजी के माध्यम से प्रखंड के 75 बिरसा किसानों के प्रत्यक्षण के लिए शतप्रतिशत अनुदान पर दो-दो किलो सरसों बीज का वितरण किया गया. किसानों को सरसो बीच देते हुए खरसावां प्रखंड प्रमुख मनेन्द्र जामुदा ने कहा कि किसान वैज्ञानिक तरीके से सरसों की खेती कर आत्मनिर्भर बन सकते है.

दूसरी फसलों की तुलना में सरसों की खेती में काफी कम लागत आती है. सरसों की खेती में कम बीज, कम खाद और उर्वरकों के साथ ही सिंचाई के लिए बहुत कम पानी की जरूरत होती है. सरसों की खेती का प्रबंधन करना भी अन्य फसलों की तुलना में काफी आसान रहता है. क्षेत्र में सरसों की उत्पादन में आत्मनिर्भरता प्राप्त नहीं कर सकते है. वही प्रखंड तकनीकि प्रबंधक रतन टोप्पो ने कहा कि शतप्रतिशत अनुदान पर किसानों को सरसों का बीज दिया गया.
योजना का उद्देश्य किसानों को सरसों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है. प्रत्येक किसान को दो किग्रा बीज दिया जाएगा. इससे किसान एक एकड़ कृषि क्षेत्र में बुवाई कर सकते हैं. सरसो बीज वितरण में मुख्य रूप से प्रखंड प्रमुख मनेन्द्र जामुदा, बीस सूत्री के अध्यक्ष अजय कुमार सामड, बीएओ जगबंधु महतो, बीटीएम रतन टोप्पो, एटीएम सुखलाल सोय, बलभ्रद महतो, खिरोद प्रमाणिक, कन्हैयालाल सामड आदि उपस्थित थे.
