सरायकेला: जिले के खरसावां स्थित केरसे मुंडा चौक से खूंटपानी के भोया तक पीडब्ल्यूडी द्वारा करीब 12.89 करोड़ रुपये की लागत से बनायी जा रही सड़क को लेकर ग्रामीण विकास शाखा ने भी मामले में औपचारिक जांच शुरू कर दी है. डीडीसी ने उक्त परियोजना की जांच को लेकर तीन सादस्यीय कमेटी का गठन कर एक हफ्ते में रिपोर्ट तलब किया है.

जिला ग्रामीण विकास शाखा ने भी सड़क की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिलने की पुष्टि की है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माण में गिट्टी और अलकतरा की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं है. साथ ही सड़क किनारे एक बड़े तालाब के पास अलकतरा मिक्सिंग प्लांट लगाए जाने से धुआं और धूल उड़ रही है, जिससे तालाब का पानी दूषित हो रहा है और ग्रामीणों को परेशानी हो रही है.
जांच दल में कार्यपालक दंडाधिकारी सरायकेला सत्येंद्र महतो, सहायक अभियंता लघु सिंचाई प्रमंडल सरायकेला विष्णु कुमार रवाणी और ग्रामीण कार्य विभाग के कनीय अभियंता जैक टुडू को शामिल किया गया है. जांच दल को एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है, ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके.
परियोजना की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर पहले अनुमंडल पदाधिकारी ने जांच का आदेश दिया. इसके बाद खरसावां के अंचल अधिकारी ने निर्माण कंपनी एसके टेकरीवाल कंस्ट्रक्शन को नोटिस जारी कर 11 फरवरी को सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया था. जानकारी के अनुसार यह परियोजना 12 दिसंबर 2025 से शुरू की गई थी. इसका उद्देश्य चाईबासा और चक्रधरपुर के बीच आवागमन को सुगम बनाना और सड़क की राइडिंग क्वालिटी में सुधार करना है. हालांकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.

