खरसावां: पॉलिटेक्निक के प्राचार्य उमेश सिंह पर छात्रों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच अब एसडीओ करेंगी. पहले इस मामले की जांच अंचलाधिकारी खरसावां ने की थी लेकिन उनकी रिपोर्ट से उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह संतुष्ट नहीं हुए. अब इस मामले की पुनः जांच सरायकेला अनुमंडलाधिकारी निवेदिता नियति करेंगी.

बताया जाता है कि प्राचार्य ने छात्रों को जबरन हॉस्टल खाली करवा दिया है. छात्र- छात्राओं का आरोप है कि प्राचार्य तानाशाही रवैया अपना रहे हैं. कॉलेज में पढ़ाई नहीं होती और लैब भी ठीक से फंक्शनल नहीं है. बच्चे निजी ट्यूटर्स से पढ़ाई कर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं. बावजूद इसके प्राचार्य जानबूझ कर आंतरिक परीक्षा में छात्रों को फेल कर रहे हैं.
इधर हॉस्टल से छात्रों को यह कहकर निकाल दिया गया कि हॉस्टल जर्जर अवस्था में है. लेकिन छात्रों का कहना है कि हॉस्टल इतनी जर्जर नहीं है जितना बताया जा रहा है. उनका आरोप है कि प्राचार्य अपने कारनामों को छुपाने के लिए छात्रों को हॉस्टल से निकाल रहे हैं. छात्रों ने प्राचार्य के रवैये और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने की शिकायत उपायुक्त से की थी. उपायुक्त के निर्देश पर अब एसडीओ निवेदिता नियति मामले की जांच करेंगी. एसडीओ ने कहा कि जांच कर दोषी पाए जाने पर प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

