खरसावां: पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रचार्य उमेश सिंह की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों के बीच उपायुक्त नितीश कुमार सिंह के निर्देश पर सोमवार को खरसावां अंचलाधिकारी कप्तान सिंकू जांच करने पहुंचे.

कॉलेज के सौ से अधिक छात्र- छात्राओं ने उपायुक्त को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें प्रचार्य पर तानाशाही, जबरन हॉस्टल खाली करवाने और आंतरिक परीक्षा में अंक नहीं देकर छात्रों का साल बर्बाद करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
जांच के दौरान सीओ को कॉलेज में कोई छात्र- छात्रा नहीं मिले. जब वे प्रचार्य के कक्ष पहुंचे, तो प्रचार्य उमेश सिंह ने अपने रसूख का धौंस दिखाते हुए कहा कि वे कई आईएएस और सीओ को ट्रेनिंग दे चुके हैं. प्रचार्य ने सीओ को प्रमोटिव अधिकारी बताकर नीचा दिखाने की भी कोशिश की, जिससे जांच खानापूर्ति बनकर रह गई और सीओ वापस लौट गए.
कॉलेज परिसर में जगह- जगह गंदगी का अंबार है. इंट्री गेट पर काई के कारण फिसलन बनी हुई है, जिसपर कई छात्र गिर चुके हैं. कॉलेज के कई कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रचार्य और क्लर्क मिलकर बीते दो वर्षों से कॉलेज को बर्बाद करने में जुटे हैं.
फाइनल ईयर के छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रचार्य ने हॉस्टल खाली करवा देने के बाद अब आंतरिक परीक्षा में उन्हें फेल किया जा रहा है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है. छात्रों का कहना है कि प्रचार्य के आने के बाद से ही उनका शैक्षणिक माहौल बर्बाद हो गया है.

