खरसावां: पॉलिटेक्निक कॉलेज में छात्रों के शोषण और तानाशाही रवैये के खिलाफ खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने मोर्चा खोल दिया है. शनिवार को विधायक दशरथ गागराई ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर कॉलेज के प्राचार्य उमेश सिंह को पद से मुक्त करने की मांग की.

विधायक ने सीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि प्राचार्य उमेश सिंह छात्रों का मानसिक शोषण कर रहे हैं. उन्होंने कई छात्रों को जबरन हॉस्टल से निकाल दिया. जिससे गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज के बच्चे किराये के कमरे लेकर पढ़ने को मजबूर हैं. छात्रों ने जब विरोध किया तो उन्हें आंतरिक परीक्षा में फेल करने की साजिश रची गई. प्राचार्य पर छात्रों से यूपीआई के माध्यम से जबरन पैसे वसूलने का भी आरोप है. विधायक ने यह भी कहा कि प्राचार्य व्याख्याताओं को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं. सात महीने से व्याख्याताओं का मानदेय नहीं दिया गया है. अपने चहेते व्याख्याताओं को ज्यादा क्लास देकर भेदभाव किया जा रहा है. साथ ही प्राचार्य सरकारी आवास का लाभ भी ले रहे हैं. विधायक ने मुख्यमंत्री से मांग की कि प्राचार्य पर कड़ी कार्रवाई करते हुए किसी व्याख्याता को प्राचार्य नियुक्त किया जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो.
इधर जब विधायक मुख्यमंत्री से प्राचार्य की शिकायत कर रहे थे, उधर प्राचार्य उमेश सिंह बिना किसी सूचना के कॉलेज छोड़ रांची चले गए. बताया जाता है कि वे हर शनिवार को रांची चले जाते हैं और वहां से ही बायोमैट्रिक अटेंडेंस लगाते हैं.

