चांडिल/ Afroz Mallik कपाली नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत गैस गोदाम रोड जामुन पेड़ के समीप मुख्य सड़क पर कराया गया नाली निर्माण कार्य अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है. सड़क की चौड़ाई कम होने के बावजूद बिना ठोस यातायात प्रबंधन के कराए गए इस निर्माण कार्य के कारण नाली और उस पर डाले गए स्लैब बार- बार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं. इससे न सिर्फ सरकारी राशि की बर्बादी हो रही है, बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों को भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

जानकारी के अनुसार, सड़क की कम चौड़ाई को देखते हुए पहले एक पाट को बैरिकेड लगाकर बंद किया गया और उसी हिस्से में नाली का निर्माण कराया गया, जबकि दूसरे पाट से वाहनों का आवागमन जारी रखा गया. इस दौरान भारी वाहनों के गुजरने से नवनिर्मित नाली का एक किनारा क्षतिग्रस्त हो गया. कुछ दिनों बाद जब दूसरे पाट में नाली का निर्माण कराया गया, तब भी यही स्थिति दोहराई गई और भारी वाहनों के दबाव से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ.

दोनों पाटों में नाली निर्माण पूरा होने के बाद जब स्लैब डाला गया, तब भी पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण बड़ी गाड़ियों के आवागमन से स्लैब टूट गया. परिणामस्वरूप सड़क के बीचों- बीच गड्ढेनुमा स्थिति बन गई है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. फिलहाल एक ओर बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद किया गया है और दूसरी ओर से आवागमन जारी है, जिससे आए दिन जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान भारी वाहनों के आवागमन पर अस्थायी रोक लगाई जाती या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाती, तो इस तरह की समस्या उत्पन्न नहीं होती. लोगों ने नगर परिषद से मांग की है कि क्षतिग्रस्त नाली और स्लैब की जल्द मरम्मत कर स्थायी समाधान निकाला जाए.

यह मामला केवल नाली टूटने का नहीं, बल्कि योजना और निगरानी की कमी को भी उजागर करता है. यदि समय रहते बेहतर प्लानिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट नहीं किया गया, तो विकास कार्य लोगों के लिए सुविधा की जगह खतरा बनते रहेंगे. नगर परिषद को चाहिए कि भविष्य में ऐसे निर्माण कार्यों से पहले जमीनी हालात के अनुसार ठोस कार्ययोजना तैयार करे, ताकि सरकारी धन और जनता दोनों सुरक्षित रह सकें.

