कांड्रा/ Bipin Varshney स्थित श्री श्री दुर्गा मंदिर के समीप वार्ष्णेय समाज द्वारा फाल्गुन पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त में मंगलवार को विधि- विधान के साथ होलिका दहन किया गया. भद्रा समाप्ति के बाद तड़के करीब 04:00 बजे एसकेजी क्लब परिसर में कार्यक्रम की शुरुआत हुई.

होलिका दहन के उपरांत वार्ष्णेय परिवार के सदस्यों एवं स्थानीय लोगों ने श्रद्धा भाव से होलिका की परिक्रमा कर पूजन- अर्चन किया और सुख- शांति व समृद्धि की कामना की. पूरे परिसर में भक्ति और उल्लास का वातावरण रहा. होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. परंपरा के अनुसार होली से एक दिन पूर्व होलिका का सांकेतिक दहन कर नकारात्मकता के अंत और सकारात्मकता के स्वागत का संदेश दिया जाता है.
बताया जाता है कि कांड्रा में इस परंपरा की शुरुआत स्वर्गीय हरीश चंद्र वार्ष्णेय ने सरायकेला ग्लास वर्क्स कंपनी की स्थापना के बाद की थी. कंपनी बंद हो जाने के बावजूद वार्ष्णेय समाज आज भी इस परंपरा को निभाते हुए क्लब परिसर में होलिका दहन का आयोजन करता आ रहा है. बुधवार को वार्ष्णेय समाज के लोग रंग- गुलाल के साथ प्रेम, शांति और सौहार्द का संदेश देते हुए होली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाएंगे.

