कांड्रा/ Bipin Varshney थाना क्षेत्र के पिंड्राबेड़ा गांव में आदिवासी समाज का प्रमुख प्रकृति पर्व सरहुल रविवार को पूरे श्रद्धा और पारंपरिक रीति- रिवाजों के साथ मनाया गया. सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल रहा. सरना स्थल पर विधिवत पूजा- अर्चना कर क्षेत्र की सुख- समृद्धि, अच्छी फसल और खुशहाली की कामना की गई.

कांड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू ने कार्यक्रम में शामिल होकर ग्रामीणों को पर्व की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने शांति, भाईचारा और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की. पर्व के दौरान ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए. मांदर और नगाड़ों की थाप पर युवक- युवतियों और बुजुर्गों ने सामूहिक नृत्य- गान किया. पूरे गांव में उल्लास और उमंग का माहौल बना रहा.
ग्रामीणों ने बताया कि सरहुल प्रकृति और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है, जो एकता और भाईचारे का संदेश देता है. आयोजन में नायके बाबा घांसी राम मार्डी, माझी बाबा बुद्धेश्वर मार्डी, सोना राम मार्डी, उदय मार्डी, पवन चन्द्र हांसदा, भोगन हांसदा, सुजान हांसदा, हेमंत मार्डी, गोरखा हेंब्रम, टिका राम बेसरा, मेघराय बेसरा और बगोल मार्डी समेत ग्रामीणों का सक्रिय योगदान रहा.

