कांड्रा: हरिश्चंद्र विद्या मंदिर को फर्जी ट्रस्ट बनाकर हड़पने में विफल रहे बिल्डर जितेंद्र नाथ मिश्रा ने जाते- जाते स्कूल की संपत्ति को बड़ा नुकसान पहुंचा दिया है. इसके पीछे तथाकथित फर्जी ट्रस्ट में शामिल सदस्यों के साथ वन विभाग और कांड्रा थाने की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं.

दरअसल फर्जी ट्रस्ट की आड़ में बिल्डर ने स्कूल के विकास के नाम पर परिसर में लगे बेशकीमती इमारती पेड़ों को कटवा दिया. इसपर ट्रस्ट में शामिल सभी सदस्यों ने चुप्पी साधे रखा. जब बिल्डर के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ उसके बाद बिल्डर ने स्कूल छोड़ने से पहले रातोंरात सारे लकड़ियों को गायब कर दिया. हालांकि इसकी जानकारी वन विभाग और कांड्रा पुलिस को होने के बाद भी बिल्डर के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई जो अपने आप में कई सवालों को जन्म दे रहा है. वैसे मामला संज्ञान में आने के बाद गम्हरिया अंचल अधिकारी ने बिल्डर को शोकॉज किया था, मगर बिल्डर ने संतुष्टि जनक जवाब नहीं दिया. अंचल अधिकारी अरविंद बेदिया ने बताया कि इसको लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी. उधर स्कूल के मूल स्वामी राजकुमार वाष्र्णेय ने भी बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज कराने की बात कही है. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि वन विभाग और पुलिस प्रशासन लाखों की इमारती लड़कियां चोरी मामले में क्या कार्रवाई करती है.

