कांड्रा : बीते दिनों भाजपा सिंहभूम लोकसभा प्रत्याशी सह सांसद गीता कोड़ा पर मुर्गाघुटू और मोहनपुर गांव में जनसम्पर्क के दौरान हमला किया गया था. इस मामले में ग्राम सभा के सदस्य गुरुवार को कांड्रा थाने में गीता कोड़ा समेत अन्य पर आरोप लगाते हुए शिकायत लेकर पहुंचे. मगर घटनास्थल गम्हरिया थाना क्षेत्र में होने की वजह से उन्हें गम्हरिया में शिकायत दर्ज कराने कहा गया. शिकायत में बताया गया है कि अभियान के दौरान गीता कोड़ा तथा उनके समर्थकों के द्वारा ग्रामीणों के साथ अत्यन्त अभद्र व्यवहार किया. तब ग्रामीणों द्वारा यह सवाल पूछा गया कि विगत 5 सालों के कार्यकाल में क्षेत्र का विकास में आपका क्या योगदान रहा एवं इस क्षेत्र में आप ने कितने बार जन-संवाद किया.


इस पर गीता कोड़ा एवं उनके समर्थकों ने अभद्र तरीकों से ग्रामीणों के साथ गाली-ग्लौज किया एवं केस करने की भी धमकी दी. भाजपा नेता गणेश माहली, रमेश हाँसदा, प्रदीप सिंहदेव, अश्विनी सिंहदेव, अमित सिंहदेव, पुष्टि गोप, चिन्मय महतो, गौरी शंकर टुडू बाबूराम मार्डी, रश्मि साहू एवं सुनिता मिश्रा ग्रामीणों को मारने के लिए आगे आए एवं जाति सूचक शब्द का प्रयोग किया जो आदिवासियों के लिए अत्यन्त अपमानजनक रहा.
ग्रामीणों के प्रश्न पूछे जाने पर जान से मारने की धमकी दी गई. इतना ही नहीं भाजपा के बहुसंख्यक समर्थकों ने साथियों के साथ ग्रामीणों को यह कहा यदि भाजपा को वोट नहीं दिया तो पुलिस के द्वारा इस गाँव में अत्याचार शुरू किया जाएगा. तब ग्रामीणों ने भी जवाब में उनके 5 साल के विकास का व्योरा माँगा पर इसी में वर्तमान सांसद एवं उनके समर्थक इतना उत्तेजित हो गए कि ग्रामीण महिलाओं एवं पुरुषों के साथ मारपीट किया एवं महिलाओं के साथ गलत नियत से दुर्व्यवहार किया.
इससे ग्रामीण भयभीत हो गए और वे अपने-अपने घर चले गए तथा गाँव में भय का वातावरण फैल गया, जिससे जनता संपूर्ण दहशत में है। यह क्षेत्र आदिवासी बहुसंख्यक है एवं संविधान के 5वीं अनुसूची क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम के माझी बाबा या ग्राम सभा के अनुमति के बिना गाँव में प्रवेश निषेध है. परन्तु भाजपा प्रत्याशी गीता कोड़ा का बिना पूर्व सूचना दिए हुए गाँव में प्रवेश करना कानूनी दृष्टिकोण से अपराध है.
गीता कोड़ा जवाब दिए बिना अपना घमंडी अक्रोश प्रदर्शित किया जो कि प्रजातंत्र एवं चुनाव व्यवस्था के संपूर्ण विपरीत हैं। ऐसे परिस्थिति में जनता का मौलिक हक एवं अधिकार का हनन किया जा रहा है. ग्राम सभा ने अनुरोध किया है कि मामले को निष्पक्ष तरीके से उचित जाँच करते हुए दोषियों पर कानूनी कार्रवाई किया जाए एंव जब-तब पुलिस प्रवेश को रोका जाए ताकि गाँव में शांति व्यवस्था कायम रहें.
