कांड्रा: बुधवार को आदिवासी मूलवासी की विभिन्न समस्याओं को लेकर राज्य सरकार के विरोध में आदिवासी मूलवासी भूमि रक्षा समिति ने मशाल जुलूस निकाला. प्रदर्शन कार्यक्रम बस स्टैंड से प्रारंभ होकर भारत पेट्रोलियम पंप होते हुए कांड्रा एसकेजी मैदान में समाप्त हुआ. आदिवासी मूलवासी भूमि रक्षा समिति के अध्यक्ष सह मुख्य सलाहकार ने कहा कि झारखण्ड अलग होकर 21 वर्ष गुजर जाने के बाद भी अभी तक कोई भी सरकार स्थायी नीति नहीं बना सकी. जो कि यहां के मूल वासियों के लिए दुर्भाग्य का विषय है. सभी राज्यों में अपना अलग- अलग स्थाई डोमिसाइल पॉलिसी है जो संविधान के अनुच्छेद तीन के तहत स्थापित है.

उन्होंने लोगों को स्मरण दिलाया कि इसी क्रम में झारखंड के आदिवासी समाज के नेता एवं भारत सरकार के बीच आपसी सहमति से समझौता हुआ था, जिसमें झारखंड राज्य को prevantial period तक विशेष व्यवस्था के तहत रखा गया था, बाद में इसकी अवहेलना हुई जुलूस में मुख्य रूप से शामिल आदिवासी मूलवासी रक्षा समिति के अध्यक्ष सह मुख्य सलाहकार संग्राम मार्डी, सुशीला टुडू, बेबी टुडू, डॉ मुर्मू, सहिल टुडू, जितेंदर टुडू, शिभन्त टुडू, बबलू टुडू, डॉ बेसरा, सुनील मार्डी, धर्मेंद्र टुडू, बबलू टुडू, गुरुलोचन मार्डी, रोहिणी टुडू, छिता मार्डी, सुनीता मार्डी शामिल थे.
