रांची: अजरबैजान के बाकू में कैद कुख्यात अपराधी और झारखंड का मोस्ट वांटेड मयंक सिंह को झारखंड एटीएस की टीम रांची लेकर पहुंची है. शुक्रवार को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मयंक को लाया गया और सीधे एटीएस मुख्यालय ले जाया गया. यहां वरीय अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं. पूछताछ के बाद मयंक सिंह को न्यायालय में पेश किया जाएगा और फिर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में रखा जाएगा.


मयंक सिंह को इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस सूची में शामिल किया गया था. वह झारखंड का पहला ऐसा गैंगस्टर है, जिसे विदेश में गिरफ्तार कर भारत लाया गया है. मयंक सिंह राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले का रहने वाला है. उसने मलेशिया में काम करना शुरू किया, जहां रोहित गोदारा, गोल्डी बरार और संपत नेहरा के जरिए लॉरेंस बिश्नोई के संपर्क में आया. इसके बाद वह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य बन गया.
मयंक सिंह पर हत्या, जबरन वसूली और गोलीबारी जैसी कई गंभीर वारदातों में शामिल होने का आरोप है. बताया जाता है कि भारत से भागने के बाद भी उसने अपने आपराधिक कारनामों को जारी रखा. इंटरनेट कॉल के जरिये भारतीय व्यापारियों को धमकी देना, सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें साझा करना और गैंग की गतिविधियों का प्रचार करना उसकी आदत बन चुकी थी.
झारखंड के विभिन्न जिलों में मयंक सिंह पर कुल 48 मामले दर्ज हैं. इनमें सबसे अधिक मामले हजारीबाग जिले में हैं, जबकि रांची, रामगढ़, पलामू और गिरिडीह में भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं. इसके अलावा राजस्थान और छत्तीसगढ़ के रायपुर में भी उसके खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं.
फिलहाल झारखंड एटीएस मुख्यालय में उससे कड़ी पूछताछ जारी है. सूत्रों के अनुसार, बिश्नोई गिरोह से उसके संबंधों और अन्य आपराधिक गतिविधियों को लेकर कई राज्यों की पुलिस टीम भी उससे पूछताछ करेगी.

