साहिबगंज: जिले के राजमहल थाना अंतर्गत जयरामडंगा गांव निवासी जगरनाथ यादव की तिरुवनंतपुरम, केरल में दिहाड़ी मजदूरी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घटना के चार दिन बाद जब उनका शव पैतृक गांव जयरामडंगा पहुंचा तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. घर पहुंचते ही परिजनों की चीख- पुकार से माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया.

परिजनों के अनुसार जगरनाथ यादव पिछले छह माह से केरल में अलग- अलग फैक्ट्रियों में दिहाड़ी मजदूरी का काम कर रहा था. घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह परिवार की जिम्मेदारी उठाने के उद्देश्य से बाहर गया था. बीते 24 नवंबर को केरल से परिजनों को सूचना मिली कि जगरनाथ की मौत हार्ट अटैक से हो गई है. इस खबर के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
काफी मशक्कत के बाद रविवार सुबह मृतक का शव गांव पहुंचाया गया. शव के पहुंचते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और हर आंख नम दिखाई दी. मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं. परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है और रोजी- रोटी का अब कोई स्पष्ट सहारा नहीं बचा है.
घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि जगरनाथ जैसे हजारों मजदूर रोजी- रोटी की तलाश में बाहर जाते हैं और ऐसी घटनाएं सामने आने पर उनके परिवार पूरी तरह टूट जाते हैं. लोगों ने मांग की है कि मृतक के परिवार को मुआवजा दिया जाए और उनके बच्चों की शिक्षा व भरण-पोषण की उचित व्यवस्था की जाए.
प्रशासन से यह भी मांग की जा रही है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

