रांची: पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राज्य की पूरी स्वास्थ्य प्रणाली वेंटिलेटर पर है. उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या CHC की बात छोड़ दें, सभी सदर अस्पताल और MGM व SNMMC जैसे मेडिकल कॉलेजों में न तो जांच की उचित सुविधा है और न ही दवाईयां उपलब्ध हैं. उनका केवल एकमात्र कार्य मरीजों को रेफर करना रह गया है.

चंपाई सोरेन ने आगे कहा कि अगर इन अस्पतालों को सुधार दिया जाए तो रिम्स समेत रांची के अस्पतालों पर दबाव अपने आप कम हो जाएगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पिछले दिनों रिम्स की एक डॉक्टर कैंटीन की चाय पीकर गंभीर रूप से बीमार हो गई थी. सोरेन ने कहा कि यह विडंबना है कि जो लोग एक कैंटीन तक चलाने में सक्षम नहीं हैं, उनके हाथों में पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की कमान है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने संथाल परगना में खाट पर ले जाए जा रहे मरीजों के वायरल वीडियो और दवाइयों की कमी को राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता बताया. उन्होंने कहा कि हालात जस के तस बने हुए हैं और केवल बड़ी- बड़ी बातें की जाती हैं, जबकि जमीन पर सुधार की आवश्यकता अत्यंत जरूरी है.
सोरेन ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में दवा, जांच और सुविधाओं को सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें.

