जमशेदपुर/ Afroz Mallik झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का शुक्रवार को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया. उनके निधन के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. शिक्षा मंत्री का पार्थिव शरीर शनिवार को हवाई मार्ग से रांची लाया जाएगा. वहां विधानसभा में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद दस बजे सड़क मार्ग से जमशेदपुर लाया जाएगा.

इधर जमशेदपुर के टेल्को स्थित घोड़ाबांधा आवास पर सुबह से ही लोगों का आना- जाना शुरू हो गया है. स्वर्गीय रामदास सोरेन अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी को छोड़ गए हैं. रामदास सोरेन का जन्म 1 जनवरी 1961 को हुआ था और 15 अगस्त 2025 को उनका निधन हो गया. पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा, जो उनके साथ खेले- पढ़े थे, ने कहा कि फुटबॉल खिलाड़ी से लेकर राजनेता तक का सफर उन्होंने तय किया और झारखंड के निर्माण एवं विकास में अपनी अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि राजनीति की शुरुआत रामदास सोरेन ने अपने इसी आवास से की थी, जहां झारखंड अलग राज्य आंदोलन की रूपरेखा तय की जाती थी. उस दौर में स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन और निर्मल महतो जैसे बड़े नेता भी उनके आवास पर जुटा करते थे. पूर्व विधायक ने कहा कि पहले गुरुजी और अब रामदास सोरेन का जाना झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है. वहीं, उनके करीबी मित्र गोपाल मुखर्जी ने भी कहा कि उनका निधन राज्य की राजनीति और समाज दोनों के लिए भारी नुकसान है.
जानें कब कैसे क्या हुआ
बीते 2 अगस्त को शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन अपने घोड़ाबांधा आवास के शौचालय में गिर कर घायल हो गए थे. उनके सर पर गंभीर चोटें आई थी. डॉक्टरों ने ब्रेन हेमरेज होने की बात कही थी. उसके बाद राज्य सरकार के निर्देश पर उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले जाया गया था. जहां अपोलो अस्पताल की टीम ने कड़ी मेहनत की मगर उन्हें बचाया नहीं जा सका और 15 अगस्त 2025 को उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन मंत्री, दीपक बिरुआ, विधायक निरल पूर्ति सहित सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के लोगों ने अपने-अपने स्तर से श्रद्धांजलि अर्पित की है.
शव पहुंचने का शेड्यूल
शिक्षा मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से शनिवार सुबह रांची एयरपोर्ट पहुंचेगा. 9:30 बजे झारखंड विधानसभा में श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी. उसके बाद सड़क मार्ग से 10:00 बजे घाटशिला मऊभंडार के लिए प्रस्थान किया जाएगा. दोपहर 1:00 बजे एचसीएल ग्राउंड मऊभंडार घाटशिला पहुंचेगा. जहां लोगों के दर्शनार्थ उनका पार्थिव शरीर रखा जाएगा. वहां से 2:00 बजे डिमना होते हुए साकची संपर्क कार्यालय पहुंचेगा. उसके बाद घोड़ाबांधा आवास के लिए प्रस्थान किया जाएगा. 3:00 बजे घोड़ाबांधा आवास पहुंचने की संभावना है. उसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

एक दिन का घोषित हुआ राजकीय शोक
शिक्षा मंत्री के निधन पर राज्य सरकार ने एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है. इस आदेश के तहत राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा एवं सारे राजकीय कार्यक्रम रद्द रहेंगे.


