गम्हरिया: झारखंड बंगला भाषा उन्नयन समिति के जिला उपाध्यक्ष राजू चौधरी ने कहा कि झारखंड में बंगला भाषा को विलुप्त करने की साजिश रची जा रही है. एकीकृत बिहार में इस क्षेत्र में बंगला भाषा- भाषियों को काफी सम्मान मिलता था. स्कूलों में इसकी शिक्षा दी जाती थी. रेलवे स्टेशन से लेकर हर चौक- चौराहे का नाम बंगला भाषा में लिखा मिलता था, किंतु झारखंड अलग राज्य गठन के बाद सब लुप्त हो गया है. बंगला भाषा- भाषियों के साथ सौतेला व्यवहार होने लगा है.
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उन्होंने कहा कि झारखंड में बंगला भाषा के उत्थान को लेकर 11 दिसंबर को समिति की ओर से 8 सूत्री मांगों को लेकर राजभवन के समक्ष धरना- प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा. इसके लिए कोल्हान के तीनों जिले से समिति के करीब एक हजार सदस्य रांची कूच करेंगे. कहा कि पूरे राज्य से समिति के हजारों सदस्य रांची के मोरहाबादी मैदान में जुटेंगे. वहां से राजभवन तक पैदल मार्च करते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे. इसमें केंद्रीय सदस्य रंजन डे, विश्व नाथ घोष, स्वपन संतरा, चिन्मय पात्रो, जयंत घोष शामिल हुए.
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