बांका: विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा. जब हजारों की भीड़ ने परिवर्तन के संदेश के साथ बांका की सड़कों को जनसैलाब में बदल दिया. निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जवाहर कुमार झा ने अपना नामांकन दाखिल किया तो पूरा शहर “प्रणाम बांका- जवाहर झा” और “बांका है तैयार, जवाहर इस बार” के नारों से गूंज उठा.

सुबह उनके आवास ‘सूर्योदय’ से निकलने वाली भव्य रैली में लगभग 20 हजार से अधिक समर्थक शामिल हुए. भीड़ में युवाओं का जोश, महिलाओं का उत्साह और बुजुर्गों का आशीर्वाद सब कुछ मिलकर एक जनआंदोलन का रूप ले चुका था. हर गली, हर चौक से एक ही आवाज आ रही थी- बदलाव अब तय है.
नामांकन के बाद जवाहर कुमार झा ने कहा कि बांका की जनता ने जो विश्वास जताया है, वह उनके जीवन की सबसे बड़ी ताकत है. यह चुनाव सत्ता की नहीं, बल्कि सेवा और स्वाभिमान की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, महिला सशक्तिकरण और पारदर्शी शासन- यही मेरे संकल्प के पांच स्तंभ हैं.
उन्होंने आगे कहा कि बांका को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का सपना जनता के सहयोग से जरूर पूरा होगा. यह क्षेत्र अपने गौरव और विकास की नई कहानी लिखने को तैयार है. पूरा शहर उत्सव के रंग में डूबा रहा. ढोल- नगाड़ों की थाप, फूल- मालाओं की बारिश और उत्साह से भरे समर्थकों ने इस नामांकन को एक जनउत्सव का रूप दे दिया.
अंत में जवाहर कुमार झा ने कहा कि मैं बांका के हर दिल में अपनी जगह नहीं, बल्कि अपना परिवार देखता हूं. जनता का आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है.

