जामताड़ा/ Yogesh Kumar मकर संक्रांति के मौके पर जामताड़ा जिले के बिंदापाथर थाना क्षेत्र अंतर्गत खंतीपुर गांव से मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. बंद कमरे में जलते चूल्हे से निकली जहरीली गैस के कारण एक ही परिवार के चार सदस्य बेहोश हो गए, जिसमें एक महिला की मौत हो गई.

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, मकर संक्रांति पर चावड़ी पर्व को लेकर मिठाई और अन्य पकवान बनाने के बाद जलता हुआ चूल्हा कमरे में ही छोड़ दिया गया था. ठंड अधिक होने के कारण कमरे की सभी खिड़कियां और दरवाजे बंद थे. इसी दौरान ऑक्सीजन की कमी और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के बढ़ने से कमरे में सो रहे सभी लोग बेहोश हो गए.

बताया जा रहा है कि कमरे में शोभा देवी (58), पति मानिक मंडल, बहू अंजनी कुमारी (30), पति छोटन मंडल, और दो छोटे बच्चे इच्छा उर्फ ब्यूटी कुमारी (7) तथा अंकुश कुमार (5) सो रहे थे. सुबह जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो घर के मालिक मानिक मंडल ने आवाज दी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इसके बाद छोटे बेटे पांडव मंडल और ग्रामीणों की मदद से छत की सीढ़ी के सहारे घर में प्रवेश किया गया और कमरे का दरवाजा तोड़कर सभी को बाहर निकाला गया.
सभी को तत्काल निजी वाहन से जामताड़ा सदर अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने बहू अंजनी कुमारी को मृत घोषित कर दिया. वहीं दोनों बच्चों को ऑक्सीजन देने के बाद उल्टी हुई और फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है. शोभा देवी की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जामताड़ा के पारस अस्पताल में जारी है.

बताया गया है कि मृतका अंजनी कुमारी के पति छोटन मंडल अपने बीमार ससुर को देखने ससुराल गए हुए थे और उसी दिन लौटने वाले थे. इस बीच यह हादसा हो गया. मृतका के देवर पांडव मंडल ने बताया कि रात करीब साढ़े दस बजे पकवान बनाकर सभी ने भोजन किया और उसके बाद सो गए थे.
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. परिजनों द्वारा अंजनी कुमारी के अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है. वहीं प्रशासन की ओर से लोगों से ठंड के मौसम में बंद कमरे में जलते चूल्हे या अंगीठी का उपयोग न करने की अपील की गई है.

