जामताड़ा/ Manish Baranwal रविवार को संत निरंकारी मिशन के सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के निर्देशानुसार जामताड़ा जिले के गोविंदपुर- साहेबगंज हाइवे मार्ग स्थित खुशी होटल के निकट पोसोई ग्राम में भक्ति पर्व समागम का आयोजन किया गया. यह समागम निरंकारी मिशन का एक महत्वपूर्ण वार्षिक आयोजन है, जिसे जिले की चार ब्रांच के भक्तजन मिलकर मनाते हैं.
इस वर्ष भी जिले के विभिन्न स्थानों से भक्तजन एकत्रित हुए और निराकार ब्रह्म (परमात्मा) से जुड़कर प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त की.

कार्यक्रम की अध्यक्षता संत निरंकारी मिशन, जामताड़ा के मुखी महात्मा प्रह्लाद दास जी ने की. उन्होंने भक्तों को अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “ईश्वर (निरंकार) की भक्ति के लिए तन और मन को समर्पित करना चाहिए.” उन्होंने यह भी कहा कि निराकार परमात्मा से जुड़ने से विश्व बंधुत्व की स्थापना होती है और प्रेमपूर्ण जीवन जीया जा सकता है.
भक्ति पर्व के दौरान गीत-भजन, कविताएँ और विश्व बंधुत्व के संदेश का प्रचार प्रसार किया गया. यह पर्व उन संतों की स्मृति में मनाया जाता है जिन्होंने मिशन के संदेश को घर-घर पहुँचाया और अपना जीवन ईश्वर भक्ति में समर्पित किया. महात्मा प्रह्लाद दास जी ने बताया कि ऐतिहासिक निरंकारी सरोवर में स्नान करने की परंपरा संत भाई साहब संतोख सिंह जी के समय से चली आ रही है.
इस अवसर पर जामताड़ा, मिहिजाम, करमाटांड़ और पोसोई सहित देवघर और धनबाद जिले से सैकड़ों भक्तजन शामिल हुए. कार्यक्रम में सतीश दास, बोबिन दास, प्रमुख यादव, मानिक चंद, अरुण दास, दीप नारायण वर्णवाल सहित कई श्रद्धालु उपस्थित थे. कार्यक्रम का मंच संचालन भाईसाहब दीनदयाल कनोजिया जी ने किया.
भक्ति पर्व निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक जीवन का अहम हिस्सा है, जो भक्तों को ‘ब्रह्मज्ञान’ आधारित, प्रेमपूर्ण और सेवाभाव से भरा जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है.

