जामताड़ा/ Manish Baranwal जिले के आरके प्लस टू हाई स्कूल में अवैध वसूली को लेकर प्रकाशित इंडिया न्यूज़ वायरल बिहार झारखंड की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है. “शिक्षा के पवित्र मंदिर में अधर्म की पाठशाला, पढ़ाई नगण्य और छात्र- छात्राएं भयभीत जैसे मुख्य शीर्षक” के साथ इंडिया न्यूज़ वायरल में प्रकाशित खबर में विद्यालय के छात्र, अभिभावक और एसएमसी सदस्यों के माध्यम से अवैध वसूली में संलिप्त शिक्षकों और आईसीटी इंस्ट्रक्टर को बेनकाब किया गया था. खबर को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी जामताड़ा ने आरके प्लस टू हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक धर्मराज शर्मा से स्पष्टीकरण मांगा है.

पत्र में उल्लेख किया गया है कि विद्यालय में नामांकित छात्र- छात्राओं से पंजीकरण के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है. साथ ही विद्यालय में कार्यरत आईसीटी इंस्ट्रक्टर, पीटी शिक्षक और भूगोल शिक्षक की भी इस अवैध वसूली में संलिप्तता बताई गई है.
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जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया है कि प्रकाशित समाचार के संबंध में दो दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को उपलब्ध कराएं. निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने की स्थिति में समाचार पर संज्ञान लेते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
इसके अलावा शिक्षक विक्रम बैरा, धनंजय महतो और आईसीटी इंस्ट्रक्टर विद्यासागर मंडल से भी 24 घंटे के भीतर आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है. छात्रों द्वारा आरोप लगाया गया था कि 11वीं के रजिस्ट्रेशन के नाम पर अवैध रूप से राशि वसूली गई. रसीद मांगने पर यह कहकर टाल दिया जाता था कि राशि में सरस्वती पूजा के 70 रुपये शामिल हैं, जबकि किसी भी मद की अलग- अलग या संयुक्त रसीद नहीं दी जाती थी.
आरोप यह भी है कि सरस्वती पूजा के नाम पर जमा राशि का आय- व्यय का विवरण छात्रों को नहीं दिया गया. रसीद खो जाने पर दोबारा रसीद देने के नाम पर 100 रुपये वसूले गए, जबकि ड्रेस कोड में विद्यालय नहीं आने पर 20 रुपये जुर्माना भी लिया जाता था.
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अपने पत्र में कहा है कि तीनों शिक्षकों पर लगे आरोप अत्यंत गंभीर हैं और यह सरकारी कर्मियों के लिए निर्धारित आचरण के प्रतिकूल एवं अस्वीकार्य है. सभी को 24 घंटे के भीतर स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है कि क्यों न उनके विरुद्ध छात्रों से अवैध वसूली, रसीद नहीं देने और अन्य आरोपों को लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन और सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाए.

