जामताड़ा/ Manish Baranwal शहर के कायस्थ पाड़ा मोड़ स्थित व्यस्त व्यावसायिक इलाके में 24 दिसंबर को स्वर्ण व्यवसायी को गोली मारकर की गई लूट की घटना के बाद पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए थे. घटना के बाद अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी का दावा किया गया था, लेकिन चार दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी.

अपराध नियंत्रण में विफलता और क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाने को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक जामताड़ा ने कड़ा कदम उठाया है. एसपी के आदेश पर जामताड़ा थाना प्रभारी सह पुलिस अवर निरीक्षक संतोष कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
इसी क्रम में 25 और 26 दिसंबर की रात मिहिजाम थाना क्षेत्र अंतर्गत शिर्डी ज्वेलरी दुकान में हुई चोरी की घटना को भी पुलिस अधीक्षक ने गंभीर लापरवाही माना है. जांच में सामने आया कि घटना के दौरान रात्रि गश्ती दल और टाइगर मोबाइल की भूमिका संतोषजनक नहीं रही. क्षेत्र में असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर समुचित निगरानी नहीं रखने के आरोप में मिहिजाम थाना की रात्रि गश्ती टीम के एएसआई अजय कुमार, आरक्षी परमेश्वर मंडल, आरक्षी मनबोध कुमार सिंह के साथ-साथ टाइगर मोबाइल के आरक्षी निशांत चक्रवर्ती और प्रदीप दास को भी निलंबित कर लाइन हाजिर किया गया है.
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. साथ ही संबंधित घटनाओं की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.

