जामताड़ा: मंगलवार को मांझी- परगना समुदाय के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर जिले में हो रही कथित अवैध बालू नीलामी के विरोध में ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुनील कुमार हेम्ब्रम ने किया. सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि जामताड़ा जिला सांताल परगना प्रमंडल के अंतर्गत पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आता है, जहां आदिवासी समुदाय की पारंपरिक मांझी- परगना स्वशासन व्यवस्था सदियों से लागू है. संविधान और अनुसूचित क्षेत्र से संबंधित कानूनों के अनुसार किसी भी नीलामी, खनन या पट्टे के लिए ग्राम सभा की अनुमति अनिवार्य है.

प्रतिनिधियों का आरोप है कि जिला प्रशासन द्वारा लगभग 20 बालू घाटों की नीलामी ग्राम सभा की सहमति के बिना कर दी गई है. इसे आदिवासी अधिकारों की अनदेखी बताते हुए समुदाय ने गहरी चिंता और आक्रोश जताया. मांझी- परगना समुदाय ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना की गई सभी नीलामियां तत्काल रद्द की जाएं. साथ ही भविष्य में किसी भी प्रकार की नीलामी या खनन प्रक्रिया ग्राम सभा की सहमति के बिना न की जाए. उन्होंने आदिवासी समुदाय के प्राकृतिक संसाधनों पर उनके वैधानिक अधिकार को बहाल करने की भी मांग की.

