जामताड़ा/ Manish Baranwal मां चंचला त्रिदिवसीय वार्षिक महोत्सव 2026 को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप देने के उद्देश्य से रविवार को जामताड़ा में महोत्सव समिति की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. यह बैठक गांधी मैदान के समीप वेल्सन मार्ट के बेसमेंट में आयोजित हुई, जिसमें जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण स्तर के सक्रिय सदस्य और स्वयंसेवक शामिल हुए.

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सह महोत्सव समिति अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल उपस्थित थे. बैठक के दौरान मां चंचला के तेरहवें वार्षिक महोत्सव को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. जामताड़ा ग्रामीण मंडल, पबिया मंडल, नारायणपुर मंडल, गोपालपुर मंडल, गोरेनाला मंडल एवं मिहिजाम ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में महोत्सव समिति के सदस्य और स्वयंसेवक बैठक में शामिल हुए.
सभी उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में आगामी 16 जनवरी को आयोजित होने वाली कलश शोभा यात्रा को भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया. बैठक में बताया गया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से हजारों की संख्या में माताएं, बहनें और श्रद्धालु भक्त कलश यात्रा में भाग लेंगे. माताओं और बहनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलश शोभा यात्रा के दौरान वाहनों की समुचित व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई.
इस अवसर पर महोत्सव समिति अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल ने सभी सक्रिय सदस्यों और मंडल प्रभारियों को आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियों में अभी से जुट जाने का निर्देश दिया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस वर्ष मां चंचला वार्षिक महोत्सव का तेरहवां संस्करण मनाया जा रहा है, जो अब तक के सभी आयोजनों से अधिक भव्य और ऐतिहासिक होगा. उन्होंने संभावना जताई कि 16 जनवरी की सुबह 8 बजे मां चंचला मंदिर प्रांगण से 40 हजार से अधिक माताएं और बहनें कलश उठाकर शोभा यात्रा में शामिल होंगी.
वीरेंद्र मंडल ने बताया कि महोत्सव को सफल बनाने के लिए समिति द्वारा व्यापक स्तर पर प्रचार- प्रसार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मां चंचला महोत्सव किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे जामताड़ा वासियों और देश-विदेश में बसे मां चंचला के भक्तों के सहयोग से संपन्न होता है. मां चंचला की कृपा से यह विशाल धार्मिक आयोजन प्रतिवर्ष शांतिपूर्वक और श्रद्धा के साथ संपन्न होता रहा है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महोत्सव की भव्यता को देखते हुए जामताड़ा उपायुक्त द्वारा इसे राज्य सरकार से राजकीय महोत्सव घोषित करने की अनुशंसा की गई है, जो जिले के लिए गर्व की बात है.

