जामताड़ा/ Manish Baranwal जिले के धनधारा मौजा अंतर्गत रेलवे साइडिंग मोड़ के पास यादव चौक समीप स्थित छितरा गड़िया तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए प्रशासन बुधवार को ग्राउंड जीरो पर उतरा. अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार और अंचलाधिकारी अविश्वर मुर्मू, जामताड़ा ने संयुक्त रूप से तालाब क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लगभग 3.24 एकड़ में फैले तालाब क्षेत्र से 24 घंटे के भीतर सभी प्रकार के अतिक्रमण हटा लिए जाएं. तय समयसीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधि- सम्मत कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई.
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से तालाब किनारे वर्षों से दुकान चला रहे दुकानदारों में चिंता और असमंजस का माहौल बन गया है. दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले 20 से 25 वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे हैं और उन्हें अब तक किसी प्रकार का नोटिस या पूर्व सूचना नहीं दी गई. अचानक निरीक्षण और अल्टीमेटम से वे खुद को असहज महसूस कर रहे हैं.
इधर, स्थानीय लोगों के बीच इस पूरे प्रकरण में भूमि माफियाओं की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. लोगों का आरोप है कि तालाब की जमीन पर सुनियोजित तरीके से अवैध कब्जा कराया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है. अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है कि तय समयसीमा के भीतर अतिक्रमण हटता है या फिर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ती है.

