जामताड़ा/ Manish Baranwal लगभग नौ वर्षों से लंबित Jharkhand Teacher Eligibility Test (JTET) के आयोजन को लेकर प्रशिक्षित अभ्यर्थियों में आक्रोश गहराता जा रहा है. रविवार को जामताड़ा के गांधी मैदान में जिला प्रशिक्षित शिक्षक संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता राजीव मंडल ने की.

बैठक में जिला इकाई के सदस्यों ने आगामी आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की. मुख्य मुद्दा वर्षों से टली हुई JTET परीक्षा का शीघ्र आयोजन सुनिश्चित कराना रहा. वक्ताओं ने कहा कि परीक्षा का लगातार टलना राज्य के लाखों बीएड एवं डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है.
सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार और शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण परीक्षा आयोजन की आवश्यक प्रक्रियाएं अब तक शुरू नहीं की गई हैं. बार- बार नियमावली जारी कर उसे वापस लेना अभ्यर्थियों के साथ मजाक के समान है, जिससे भ्रम, असमंजस और निराशा की स्थिति बनी हुई है. कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार करने की कगार पर पहुंच चुके हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका है.
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र ही परीक्षा आयोजन की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार के खिलाफ व्यापक और चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा. यह आंदोलन जिला स्तर से प्रारंभ होकर राज्यव्यापी रूप लेगा. संघ ने स्पष्ट किया कि सभी जिलों के बीएड एवं डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थी इसमें सक्रिय भागीदारी करेंगे.
संघ ने राज्य सरकार से मांग की कि अभ्यर्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए JTET की संशोधित नियमावली को शीघ्र स्वीकृति दी जाए और परीक्षा प्रक्रिया तुरंत प्रारंभ की जाए. बैठक में इरफान अंसारी, राकेश कुमार, निर्मल कुमार, देव कुमार, रंजीत, रामकिंकर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे.
संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा विभाग की होगी.

