जामताड़ा/ Manish Baranwal ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज की ओर से जामताड़ा में स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद शेख भिखारी और राजा टिकैत उमराव सिंह का शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया. इस अवसर पर मदरसा निजामिया गरीब नवाज के छात्रों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण भी किया गया.

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षक मोहम्मद कुरेश अंसारी ने शहीदों की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन वीर सपूतों ने अंग्रेजी हुकूमत के सामने झुकने के बजाय न्याय और इंसाफ के लिए फांसी के फंदे को गले लगाना स्वीकार किया. उनका बलिदान सदियों तक याद रखा जाएगा.
संगठन के प्रदेश सचिव सद्दाम हुसैन ने कहा कि 8 जनवरी 1858 को अंग्रेजों ने रांची जिले के चुटुपालु में शेख भिखारी और राजा टिकैत उमराव सिंह को फांसी देकर शहीद कर दिया था. उन्होंने कहा कि ऐसे महान बलिदानियों को याद करना समाज की नैतिक जिम्मेदारी है.
वहीं मोहम्मद रफीक अंसारी ने कहा कि शहीदों की जीवनी से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए. वे सच्चे देशभक्त थे और देश की आज़ादी के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसके प्रति हमारा संपूर्ण सम्मान है.
इस अवसर पर संगठन के उलेमा बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता मौलाना रकीब अंसारी ने कहा कि 8 जनवरी का दिन शहीदों के बलिदान को स्मरण करने का ऐतिहासिक दिन है. देश की आज़ादी की लड़ाई में पसमांदा समाज का योगदान महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण रहा है. कार्यक्रम के दौरान मदरसे के बच्चों के बीच शहीदों को याद किया गया और उनकी जीवनी साझा की गई. कार्यक्रम में हाफिज मोहम्मद नाजीर हुसैन, मोहम्मद शमीम अंसारी, सद्दाम हुसैन, मौलाना इसहाक सहित कई लोग उपस्थित रहे.

