जामताड़ा/ Manish Baranwal उपायुक्त रवि आनंद की तत्परता एवं संवेदनशील पहल से जिले की एक नाबालिग बच्ची को बिहार के जमुई जिले से सकुशल रेस्क्यू कर उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है.

12.02.2026 को प्राप्त सूचना के आलोक में उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को तत्काल टीम गठित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्ची को आरपीएफ एस्कॉर्ट द्वारा जमुई जीआरपी थाना में सुरक्षित रखा गया था. भाषा संबंधी कठिनाई के कारण बच्ची द्वारा पहले बताए गए पते का सत्यापन नहीं हो पा रहा था.
इस स्थिति में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी ने संथाली भाषा जानने वाले कर्मी की सहायता से बच्ची से संवाद स्थापित किया. नाम व पता की सही जानकारी प्राप्त करने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से पते का सत्यापन कराया गया तथा परिजनों से संपर्क स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज मंगवाए गए.
विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी करते हुए चाइल्ड हेल्पलाइन की देखरेख में बच्ची को ट्रेन से सुरक्षित जामताड़ा लाया गया. देर रात्रि में बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया. सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद समिति ने बच्ची को उसके परिजन के सुपुर्द कर दिया. बच्ची के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने जिला प्रशासन एवं उपायुक्त के प्रति आभार व्यक्त किया.
उपायुक्त रवि आनंद ने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी एवं पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रशासन प्रत्येक बच्चे के संरक्षण और अधिकारों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है.
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की गतिविधियों के प्रति सजग रहें. बच्चे कहां जा रहे हैं, किसके संपर्क में हैं और कब लौटेंगे इसकी स्पष्ट जानकारी रखें. यात्रा के दौरान किसी भी संदिग्ध परिस्थिति या बच्चे के अकेले असहाय स्थिति में मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार, चाइल्ड हेल्पलाइन की सुपरवाइजर सीता देवी, विजेंद्र यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे.

