जामताड़ा/ Manish Baranwal मुख्य बाजार से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के झंडा- बैनर हटाने को लेकर हुए विवाद के बाद प्रशासन द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने पर भाजपा नेताओं ने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं.

बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण, वरिष्ठ नेता वीरेंद्र मंडल, पूर्व जिला अध्यक्ष सोमनाथ सिंह सहित अन्य नेताओं ने प्रशासन पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि प्रशासन सत्तारूढ़ दल के समर्थन वाले प्रत्याशी को लाभ पहुंचाने के लिए एकतरफा कार्रवाई कर रहा है.
नेताओं ने कहा कि झंडा-बैनर हटाने का विरोध लोकतांत्रिक अधिकार के तहत किया गया था, लेकिन इसे मुद्दा बनाकर प्राथमिकी दर्ज की गई. मामले को लेकर उपायुक्त, ऑब्जर्वर और स्टेट इलेक्शन कमीशन को भी पत्र भेजा गया है. अनुमंडल पदाधिकारी पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए वीरेंद्र मंडल ने कहा कि प्रशासन भाजपा समर्थित प्रत्याशी को हराने का प्रयास कर रहा है. उन्होंने कहा कि जनता की अदालत का फैसला सर्वोपरि होता है, लेकिन प्रशासन का दायित्व है कि वह निष्पक्षता से कार्य करे.
वीरेंद्र मंडल ने अपने कार्यकाल के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि जामताड़ा नगर पंचायत राज्य का एकमात्र झुग्गी- झोपड़ी विहीन नगर पंचायत है. उन्होंने कहा कि प्राथमिकी से भाजपा कार्यकर्ता भयभीत नहीं हैं, लेकिन प्रशासन की कार्यप्रणाली नियमों के विरुद्ध है. अंत में उन्होंने चुनाव आयोग से जामताड़ा नगर पंचायत में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए स्वतः संज्ञान लेने की मांग की.

