जामताड़ा/ Manish Baranwal
समाज में व्याप्त कुरीतियों और शराबखोरी के खिलाफ आवाज उठाना एक उच्च शिक्षित युवक को महंगा पड़ गया. भारत दिशोम आदिवासी संघ के अध्यक्ष सुरेश मुर्मू के खपरेल मकान को देर रात असामाजिक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया.

मामला जामताड़ा थाना क्षेत्र के शहरपूरा पंचायत अंतर्गत बागधारा गांव का है. जानकारी के अनुसार सुरेश मुर्मू आदिवासी समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों और शराब सेवन के खिलाफ मुखर रूप से अभियान चला रहे थे. इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल से व्यक्तिगत मुलाकात की थी. साथ ही जामताड़ा के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक तथा दुमका प्रमंडल के आयुक्त को भी लिखित शिकायत देकर स्थिति से अवगत कराया था.
बताया जाता है कि विरोध के कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं. इसके बावजूद उन्होंने अपना अभियान जारी रखा. बीते शनिवार की रात लगभग एक बजे कुछ अज्ञात लोगों ने उनके खपरेल मकान पर पहले डीजल छिड़का और फिर आग लगा दी.
घटना के समय घर में उनकी बहन सो रही थी. डीजल की गंध से उसकी नींद खुल गई और वह किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रही. हालांकि घर में रखा धान और चावल जलकर राख हो गया. घटना की सूचना मिलते ही जामताड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया. पुलिस ने दोषियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए तफ्तीश तेज कर दी है. घटना की कड़ी निंदा करते हुए माझी परगना सरदार महासंघ के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा तथा राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक सुनील कुमार बास्की ने दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है. गांव में घटना के बाद आक्रोश का माहौल है.

