जामताड़ा/ Manish Baranwal रमजान के पाक महीने का आखिरी जुमा यानी अलविदा जुम्मा शुक्रवार को जिलेभर में पूरे अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया गया. सुबह से ही मस्जिदों में रोजेदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हर ओर इबादत का माहौल देखने को मिला.


सुभाष चौक जामा मस्जिद पाकडीह, सरखेलडीह नूर मोहल्ला, राजबाड़ी, जीतूडांगल समेत ग्रामीण इलाकों की मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगीं. भीड़ इतनी अधिक थी कि कई मस्जिदों में जगह कम पड़ गई और लोगों ने बाहर बैठकर नमाज अदा की. इस दौरान अल्लाह की इबादत में हजारों सिर एक साथ झुकते नजर आए.
नमाज के दौरान इमाम मौलाना अख्तर रजा ने कहा कि अल्लाह की मेहरबानी से इस साल पूरे 30 रोजे मुकम्मल हुए हैं और अब ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा. उन्होंने लोगों से ईद के दिन शांति, भाईचारा और सादगी बनाए रखने की अपील की.
रोजेदारों ने नमाज के दौरान हाथ उठाकर देश, दुनिया और इंसानियत की बेहतरी के लिए दुआएं मांगी. अमन-चैन, खुशहाली और बुराइयों से दूर रहने की कामना के साथ माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक बना रहा. कई जगहों पर लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर मोहब्बत और भाईचारे का संदेश भी दिया.
अलविदा जुम्मा को लेकर सभी मस्जिदों में विशेष इंतजाम किए गए थे. साफ-सफाई, वजूखाना और नमाजियों के लिए बेहतर व्यवस्था की गई थी. नमाज के दौरान दी गई तकरीर में लोगों से फिजूलखर्ची से बचने और सुन्नत के अनुसार सादगी से ईद मनाने की अपील की गई.
नमाज के बाद जिले के बाजारों में ईद-उल-फितर को लेकर रौनक बढ़ गई. कपड़े, जूते, टोपी, इत्र, सेवइयां और मिठाइयों की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ी. खासकर सेवइयां और ड्राई फ्रूट्स की दुकानों पर खरीदारी का उत्साह देखने को मिला. बच्चों के लिए कपड़े और खिलौने खरीदने में अभिभावक खासे उत्साहित नजर आए.
पूरे दिन जिले में माहौल शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण बना रहा. अब सभी लोग ईद की नमाज और त्योहार की खुशियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

