जामताड़ा/ Manish Baranwal नगरपालिका निर्वाचन 2026 को लेकर जामताड़ा प्रशासन सख्त हो गया है. वरीय एवं नोडल पदाधिकारी, विधि व्यवस्था सह आचार संहिता कोषांग तथा अनुमंडल पदाधिकारी जामताड़ा अनंत कुमार ने संपत्ति विरूपण की रोकथाम के संबंध में सभी उड़नदस्ता दल (एफएसटी) और वीडियो सर्विलांस टीम (वीएसटी) को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं.

अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि XIII जामताड़ा/15 जामताड़ा नगर पंचायत एवं XIII जामताड़ा/10 मिहिजाम नगर परिषद निर्वाचन क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू है. इस दौरान अभ्यर्थियों एवं उनके समर्थकों द्वारा चुनाव प्रचार के नाम पर किसी भी प्रकार का संपत्ति विरूपण प्रतिबंधित है.
राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड, रांची के पत्रांक 1277 दिनांक 26.12.2025 के आलोक में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इसके अतिरिक्त अनुमंडल दंडाधिकारी, जामताड़ा द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू की गई है.
प्रशासन को शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ अभ्यर्थी एवं उनके समर्थक मकान मालिक या भू-स्वामी की लिखित अनुमति के बिना निजी भवनों, दीवारों, चाहरदीवारी एवं आहाता आदि पर चुनाव चिन्ह पेंट कर रहे हैं, नारे लिख रहे हैं या पोस्टर साट रहे हैं. साथ ही सरकारी कार्यालयों, उपक्रमों के भवनों, दीवारों और खंभों पर भी प्रचार सामग्री चिपकाई जा रही है, जो पूरी तरह प्रतिबंधित है.
अनुमंडल पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि ऐसे सभी मामलों को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की जाए. संपत्ति विरूपण अधिनियम 1987 की धारा 3, भारतीय न्याय संहिता की धारा 324 (1), 324 (2), 324 (4), 326 (d) तथा भारतीय नागरिक संहिता 2023 की धारा 152 के तहत संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
सभी वीएसटी एवं एफएसटी टीमों को निर्देश दिया गया है कि संपत्ति विरूपण के मामलों की वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए जांच करें और राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें. साथ ही कार्रवाई की प्रतिवेदन संबंधित निर्वाची पदाधिकारी एवं विधि-व्यवस्था सह आचार संहिता कोषांग, जामताड़ा को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना लिखित अनुमति चुनाव प्रचार सामग्री चिपकाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

