जामताड़ा/ Yogesh Kumar जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक बुधवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद की अध्यक्षता में हुई. बैठक में अवैध कोयला खनन, खनिज परिवहन और व्यापार की रोकथाम से जुड़ी विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई.

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि जिले में किसी भी परिस्थिति में खनन पट्टा क्षेत्र के बाहर खनन नहीं होना चाहिए. नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि धारित पट्टा निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो. अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए.
उन्होंने कहा कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ लगातार जांच और छापेमारी अभियान चलाया जाए. उपायुक्त ने चालू वित्तीय वर्ष में अवैध खनन, परिवहन और व्यापार की रोकथाम से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी ली और उसमें तेजी लाने का निर्देश दिया.

बैठक में जिले के 25 चिन्हित कैटेगरी–1 बालू घाटों (जो ग्राम पंचायतों द्वारा संचालित हैं) के संचालन की अद्यतन जानकारी भी ली गई. उपायुक्त ने विशेष रूप से ईसीएल पांडेश्वर क्षेत्र के बंद पड़े खदानों में अवैध खनन से बने गड्ढों पर चिंता व्यक्त की.
उन्होंने कहा कि इन गड्ढों की स्थायी डोजरिंग कराई जाए और इसके लिए माइनिंग क्लोजर प्लान या रोडमैप तैयार कर प्रस्तुत किया जाए. तकनीकी टीम से सर्वे कराकर कंट्रोल ब्लास्टिंग के माध्यम से खदान के खुले मुहानों को पूरी तरह बंद करने के निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि यदि इन खदानों में किसी प्रकार की जनहानि होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ईसीएल पांडेश्वर क्षेत्र की होगी.
बैठक में बताया गया कि 1 अप्रैल से 14 अक्टूबर 2025 तक अवैध खनन और परिवहन की रोकथाम के क्रम में कुल 44 वाहन जब्त किए गए हैं. इनमें से 14 पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और ₹15 लाख 90 हजार जुर्माना वसूला गया है.
पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने चित्रा कोलियरी से जामताड़ा रेलवे साइडिंग तक कोयला परिवहन की स्थिति की जानकारी दी. इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी वाहन तिरपाल से ढक कर ही कोयला परिवहन करें और एम.वी. एक्ट के तहत फिटनेस जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें.
उन्होंने बताया कि वर्तमान में नए उत्सर्जन मानकों (Emission Norms) के अनुरूप पंजीकृत न्यू मेक टीपर वाहनों के माध्यम से ही कोयला परिवहन कराया जा रहा है. चोरी और अवैध परिवहन पर रोक के लिए सीआईएसएफ और ईसीएल सुरक्षा बलों के नेतृत्व में सतत कार्रवाई की जा रही है.
बैठक के अंत में उपायुक्त ने डीटीओ और डीएमओ को आवश्यक और प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया.
बैठक में पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता, वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सालकर, ईसीएल पांडेश्वर क्षेत्र और एसपी माइंस चितरा के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

