जमशेदपुर : मणिपुर में पिछले 80 से अधिक दिनों से चल रही नस्लीय हिंसा को रोकने एवं वहां शांति, सद्भावना, न्याय, समानता स्थापित करने का आग्रह करते हुए यूनाइटेड फोरम फॉर पीस एंड जस्टिस ने राष्ट्रपति के नाम एक पत्र उपायुक्त को सौंपा है. इसके माध्यम से संस्था ने राष्ट्रपति से अपने प्रभाव का प्रयोग करने का आग्रह किया है. संस्था की ओऱ से कहा गया है कि हमारा देश पूरी दुनिया में अनेकता में एकता का पर्याय है. विविध धर्म, वर्ण, नस्ल, भाषा के लोग बड़े ही प्यार, सद्भावना व भाईचारा के साथ यहां रहते हैं. संविधान में हमारे महान स्वतंत्रता सेनानी एवं कानूनविदों ने बहुसंख्यक हो या अल्पसंख्यक अथवा अनुसूचित जाति अथवा जनजाति वर्ग, सभी के अधिकार एवं कर्तव्य निहित रखे हैं.

कहा गया है कि यहां उत्तर पूर्व, खासकर मणिपुर में नस्लीय विद्वेष पिछले कई सालों से देखा जाता रहा है और आलम यह है कि पिछले 80 दिनों से ज्यादा यह प्रदेश हिंसा से ग्रस्त है. वहां मां, बहन, बेटियां एवं बच्चे नस्लीय संघर्ष के शिकार बन रहे हैं जो पूरी मानव जाति के लिए चिंता का विषय है. सोशल मीडिया में निर्वस्त्र महिलाओं के शरीर से छेड़छाड़, दुष्कर्म, आगजनी और हत्या करने के दृश्य देश-दुनिया में रहने वाले लोगों के मानस पटल को झकझोर रहे हैं. यह मानवता के नाम पर कलंक और इससे हमारे महान भारत देश की छवि खराब हो रही है. इसके लिए संस्था की ओर से कुछ सुझाव भी दिये गये हैं.

