जमशेदपुर: देश भर में लागू किए गए नए श्रम कोड के विरोध में ट्रेड यूनियनें लगातार प्रदर्शन कर रही हैं. इसी कड़ी में जमशेदपुर जिला मुख्यालय के सामने बीएसएसआर यूनियन ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए नए श्रम कानूनों की प्रतियां जलाकर अपना रोष प्रकट किया.

यूनियन सदस्यों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 21 नवंबर को बिना चर्चा और पारदर्शिता के पिछले दरवाजे से नए श्रम कोड लागू कर दिया, जिसका सीधा नुकसान मजदूरों को होगा जबकि लाभ केवल पूंजीपतियों को मिलेगा.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नए कोड में मालिकों को बिना किसी ठोस कारण के मजदूरों को नौकरी से निकालने का अधिकार दे दिया गया है. पहले वेतन भुगतान की समयसीमा 1 से 10 तारीख तक तय थी, लेकिन अब मालिक अपनी आर्थिक क्षमता के हिसाब से भुगतान कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि पूर्व में 8 घंटे की शिफ्ट अनिवार्य थी, जबकि अब प्रावधान के तहत मालिक 12 घंटे तक की शिफ्ट तय कर सकते हैं, जिससे मजदूरों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा.
यूनियन ने चेतावनी दी कि नए श्रम कोड से मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे और आने वाले दिनों में इसका गंभीर असर पूरे श्रमिक वर्ग पर पड़ेगा. उन्होंने घोषणा की कि श्रम कानूनों में किए गए बदलाव के विरोध में अगले तीन दिनों तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.

