जमशेदपुर: जिले में कानून- व्यवस्था को दुरुस्त करने के नाम पर एक बार फिर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है. गुरुवार देर शाम एसएसपी पियूष पांडे ने 17 थाना प्रभारियों का तबादला कर दिया. इस सूची में शहर के कई अहम थानों के प्रभारी बदले गए, मगर सबसे ज्यादा चर्चा बिष्टुपुर थाना प्रभारी को लेकर हो रही है, जिन्हें इस फेरबदल में भी अडिग रखा गया.

जारी सूची के मुताबिक साकची थाना प्रभारी आनंद कुमार मिश्रा को सीतारामडेरा थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि सीतारामडेरा के थाना प्रभारी निरंजन कुमार को बर्मामाइंस थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. सिदगोड़ा थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार को जमशेदपुर कोर्ट का सुरक्षा प्रभारी बनाया गया है. टेल्को थाना प्रभारी प्रशांत कुमार को साकची सीसीआर भेजा गया है, वहीं बर्मामाइंस थाना प्रभारी दिलीप कुमार यादव को जादूगोड़ा का सर्किल इंस्पेक्टर नियुक्त किया गया है. बागबेड़ा थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण यादव को साकची थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
इसके अलावा घाटशिला थाना प्रभारी वंश नारायण सिंह को मुसाबनी का सर्किल इंस्पेक्टर बनाया गया है. मुसाबनी के सर्किल इंस्पेक्टर उमेश कुमार ठाकुर को बागबेड़ा थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है. जादूगोड़ा सर्किल इंस्पेक्टर सुरेश प्रसाद को टेल्को थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. साकची सीसीआर में तैनात फैज़ अहमद को सिदगोड़ा थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि जमशेदपुर कोर्ट के सुरक्षा प्रभारी राजेंद्र मुंडा को घाटशिला थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. अजय कुमार ठाकुर को पटमदा का सर्किल इंस्पेक्टर बनाया गया है.
वहीं बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार और जादूगोड़ा थाना प्रभारी राजेश कुमार मंडल को गोलमुरी पुलिस लाइन क्लोज कर दिया गया है. नीरज कुमार को बोड़ाम का नया थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि ईश्वर दयाल मुंडा को जादूगोड़ा थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
पुलिस विभाग में इस बड़े फेरबदल को प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम बताया जा रहा है. हालांकि शहर में चर्चा इस बात की ज्यादा है कि कई थानों में अपराध और विवादों की चर्चाओं के बावजूद कुछ चेहरे जस के तस बने हुए हैं. खासकर बिष्टुपुर थाना प्रभारी को नहीं हटाया जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
दरअसल युवा उद्यमी कैरव गांधी अपहरण कांड और कथित फर्जी एनकाउंटर मामले में पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी. ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि इस मामले में बिष्टुपुर थाना प्रभारी पर कार्रवाई हो सकती है. मगर तबादला सूची ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया. अब पुलिस महकमा भले इसे प्रशासनिक रणनीति बता रहा हो, लेकिन शहर में यह सवाल जरूर उठ रहा है कि क्या महज तबादलों से अपराध पर लगाम लग पाएगी या फिर यह भी एक औपचारिक कवायद बनकर रह जाएगी. फिलहाल वरीय पुलिस अधीक्षक को उम्मीद है कि इस फेरबदल से शहर की कानून- व्यवस्था में सुधार होगा और अपराध पर अंकुश लगेगा.

