जमशेदपुर: जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत परसुडीह में रविवार को छोटा हनुमान मंदिर से छोलागोड़ा तक जाने वाली मुख्य सड़क का विधिवत शिलान्यास किया गया. कार्यक्रम में स्थानीय विधायक मंगल कालिंदी, जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मल्लिक और झामुमो के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे. सभी ने नारियल फोड़ कर कार्य का शुभारंभ किया.

विधायक मंगल कालिंदी ने बताया कि यह सड़क क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है. लगभग दो किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जाएगा. इसकी अनुमानित लागत लगभग 1 करोड़ 27 लाख रुपये है. उन्होंने कहा कि सड़क बन जाने से हजारों लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी. विधायक ने मौके पर अपने कार्यकाल के दौरान जुगसलाई क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की.
हालांकि, कार्यक्रम के बीच एक बड़ा विवाद भी सामने आया. मौके पर पहुंचे सांसद विद्युत वरण महतो के प्रतिनिधि अभय चौबे ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि इस सड़क का शिलान्यास पहले ही 10 सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किया जा चुका है. उस समय तत्कालीन मंत्री सत्यानंद भोक्ता और बन्ना गुप्ता भी मौजूद थे. अभय चौबे ने आरोप लगाया कि विभाग अब उसी पुराने शिलापट्ट को दोबारा लगवाकर फिर से शिलान्यास करवा रहा है, जिसमें वर्तमान मंत्री का नाम तक नहीं है. उन्होंने इसे विभागीय लापरवाही और जनता के साथ छल करार दिया. सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि पिछले वर्ष ही शिलान्यास हो गया था, तो अब तक सड़क निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं हुआ. अभय चौबे ने पूरे मामले की शिकायत उपायुक्त से करने की बात कही है. लोग तो यह भी कहते सुने गए कि एक तरफ राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन और राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं दूसरी तरफ स्थानीय झामुमो विधायक चेहरा चमकाने में जुटे हैं.

