जमशेदपुर/ Afroz Mallik परसुडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत गोलपहाड़ी नया बस्ती, जिसे गायत्री नगर के नाम से भी जाना जाता है, आज भीषण गंदगी और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है. यहां बीते सात महीनों से कचरे का अंबार जमा है, जो बदबू और गंदगी के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा है.

बारिश के मौसम में हालात और खराब हो गए हैं. गंदा पानी अब आसपास के घरों में घुसने लगा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा गंभीर होता जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पंचायत मुखिया और जिला परिषद प्रतिनिधियों से कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
जब लोग अपनी परेशानी लेकर जनप्रतिनिधियों के पास जाते हैं, तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि “फंड नहीं आया है.” अब सवाल यह उठता है कि क्या आम जनता की सेहत और स्वच्छता सिर्फ चुनावी वादों तक ही सीमित है? क्या स्वच्छ और सुरक्षित जीवन जीना नागरिकों का मौलिक अधिकार नहीं है?
स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. अगर जिम्मेदार अधिकारी और प्रतिनिधि अब भी नहीं जागे, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता होगी, बल्कि लोकतंत्र और मानवाधिकारों का भी उल्लंघन माना जाएगा.

