जमशेदपुर/ Afroz Mallik एमजीएम के डॉक्टर चौथे दिन अपना आंदोलन समाप्त करते हुए वापस काम पर लौट गए हैं. बता दें कि बीते सोमवार की रात ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉ कमलेश पर बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जानलेवा हमला कर दिया था. जिसमें डॉ कमलेश बुरी तरह से घायल हुए थे.

घटना के बाद आक्रोशित डाक्टरों ने खुद को काम से अलग कर लिया था और हड़ताल पर चले गए थे. इन्हें आईएमए आए नर्सिंग स्टाफ का भी समर्थन मिला था. सभी हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी और एमजीएम अस्पताल में पुलिस पिकेट बनाए जाने की मांग कर रहे थे. गुरुवार को हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस पिकेट बनाए जाने के लिखित आश्वासन के बाद शुक्रवार को सभी हड़ताली डॉक्टरों ने काम पर वापस लौटने की घोषणा की है. जिससे ईलाज के लिए पिछले तीन दिनों से भटक रहे मरीजों ने राहत की सांस ली है.
आईएमए सचिव डॉ सौरभ चौधरी ने उन्होंने हड़ताल की वजह से मरीजों को हुए परेशानियों पर दुःख जताते हुए लोगों से भविष्य में किसी डॉक्टर के साथ ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसकी अपील की है. उन्होंने कहा कि डॉक्टर भगवान नहीं होते हैं. एमजीएम अस्पताल में पहले की तुलना में अब बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. ज्यादातर मरीज यहां से ठीक होकर जा रहे हैं. एकाध मरीज के साथ अनहोनी की घटना घट रही है. ऐसे में डॉक्टर के साथ बदसलूकी या मारपीट जैसी घटना निंदनीय है. उन्होंने आम लोगों से डॉक्टर का सहयोग करने की अपील की है.
