जमशेदपुर/ Afroz Mallik लौहनगरी फर्जी नौकरी देने और बेरोजगार युवाओं को ठगने के हब के रूप में कुख्यात होता जा रहा है. विगत तीन दिनों के भीतर जिस तरह से मामले सामने आए हैं उसने पुलिस- प्रशासन के समक्ष एक बड़ी चुनौती पेश की है. हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पिछले दिनों चार लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है और सैकड़ो युवाओं को इन जालसाजों से मुक्त कराया है. ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को फिर प्रकाश में आया है. इस बार भी जालसाजी का केंद्र बिंदु गोविंदपुर थाना है.

बताया जाता है कि बिहार के समस्तीपुर के रहनेवाले अरुण कुमार यादव, एमडी नौशाद आलम, कृष्ण कुमार महतो और शिव शंकर महतो नामक जालसाजों द्वारा देश के अलग-अलग राज्यों के युवक- युवतियों को नौकरी का सब्जबाग दिखाकर उन्हें झांसे में लिया जाता है और ट्रेनिंग के नाम पर मोटी रकम उगाही कर नेटवर्क मार्केटिंग में उलझा दिया जाता है. जब युवक- युवतियां अपने पैसे मांगते हैं तो उन्हें धमकियां दी जाती है. उनके लिए मधुपुर में ट्रेनिंग कैंप बनाया गया है. बताया जाता है कि स्थानीय पुलिस की भी जाल साजों के साथ मिलीभगत है. उनमें से कुछ युवक युवतियों शुक्रवार को जमशेदपुर पहुंचे. इसकी जानकारी उन्होंने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के सदस्यों को दी और एक जालसाज को पड़कर पुलिस के हवाले किया है. गोविंदपुर पुलिस मामले की जांच में जुटी है. मालूम हो कि गुरुवार को ऐसा ही एक मामला सरायकेला के कपाली में भी प्रकाश में आया है. कुल मिलाकर कहे तो जमशेदपुर शहर में कुछ बहरूपिए बेरोजगार युवक- युवतियों को नौकरी के नाम पर फंसाने का खेल खेल रहे हैं. जिस पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की आवश्यकता है.

