जमशेदपुर/ Afroz Mallik झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के जमशेदपुर अंचल में बिजली ट्रांसफॉर्मरों और सब- स्टेशनों की अर्थिंग के लिए खरीदे गए करोड़ों रुपये के कैमिकल को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.

मिली जानकारी के अनुसार, Tosha Electrical नामक एजेंसी को जमशेदपुर क्षेत्र के 25,000 ट्रांसफॉर्मरों और कई 33/11KV पावर सब- स्टेशनों में अर्थिंग का काम दिया गया था.
इसके लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से विशेष कैमिकल मंगाई गई थी. आरोप है कि यह कीमती कैमिकल खुले में भंडार में फेंक दिया गया, जबकि इसे एजेंसी के गोदाम में सुरक्षित रखा जाना था. पिछले 15 दिनों की लगातार बारिश के कारण ये बोरे फट गए और कैमिकल बह गया. इससे न सिर्फ भारी वित्तीय क्षति हुई है, बल्कि निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठे हैं.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, काम शुरू होने से पहले ही यह लाखों रुपये का कैमिकल खराब हो गया, जिससे अर्थिंग का कार्य प्रभावित हो सकता है. JBVNL के अधिकारियों (JEE, AEE, ई की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में कैमिकल को खुले में रखने की अनुमति कैसे दी गई. अब यह बड़ा सवाल है कि क्या एजेंसी ने जानबूझकर लापरवाही की, या निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से यह लापरवाही हुई. इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठ रही है.

