जमशेदपुर : सहकारी बैंक कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को भी जारी रहा. इस दिन झारखण्ड राज्य सहकारी बैंक कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने रांची में नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक से मुलाकात की. इस दौरान संघ की ओर से मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन के माध्यम से मुख्य महाप्रबंधक से नियम नीति के खिलाफ मनमाने ढंग से किए गए स्थानांतरण की जानकारी दी गईं. साथ ही स्थानांतरण नीति बनाए बगैर किया गया स्थानांतरण को रद्द करने की मांग की गई. संघ की ओर से बताया गया है कि मुख्य महाप्रबंधक प्रतिनिधिमंडल को इस पर तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

वहीं दूसरी ओर बैंक प्रबंधन द्वारा किए गए स्थान्तरण के खिलाफ झारखण्ड राज्य सहकारी बैंक कर्मचारी संघ के द्वारा बैंक के मुख्यालय स्थित परिसर में अनिश्चितकालीन महाधरना का सातवें दिन भी जारी रहा. संघ की ओर से कहा गया है कि महाधरना से बैंक का कार्य प्रभावित, हो रहा करोड़ो का नुकसान हो रहा है. बैंक के अड़ियल रवैये के कारण पूरे बैंक का कार्य प्रभावित हो रहा है. विभिन्न तरह की सेवाएं ठप हैं. लाभुकों को डीबीटी के माध्यम से पैसा नही पहुंच रहा है. आज भी मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नदारद हैं. बैंक के कानूनी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं. महाधरना में राकेश कुमार, दीपक शर्मा,राजीव रंजन,सुबल चन्द्र मंडल,अटल कुमार,संतोष कुमार,तिलक देव,अमृता महतो,अविनाश कुमार, मुकेश साव, निखिल बंका, हीरा लाल राउत, आशीष कुमार, राजीव कुमार,रजत सिंह,कमलेश कुमार एवं अन्य लोग शामिल हैं.
क्या है मांग
1.स्थानांतरण नीति ( ट्रांसफर पॉलिसी) के बिना किसी प्रकार का स्थानांतरण नहीं किया जाए ,जिससे कर्मचारियों के मानसिक, आर्थिक और पारिवारिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े. अतः बैंक स्थानांतरण नीति स्वीकृत करते हुए ही स्थान्तरण किया जाए.
2.बैंक में कर्मचारियों के शहरी और ग्रामीण पदस्थापना में उनके वेतन भत्ता में आसमानता है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के कर्मचारियों के स्थापना होने पर वे प्रेरणाहीन हो जाते हैं एवं कार्य कुशलता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. अतः ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थापित कर्मियों को पे प्रोटेक्शन के तहत वेतन भत्ता को समान किया जाए और उसके पश्चात ही स्थान्तरण किया जाए.
3. बैंक में कर्मचारियों की नियुक्ति के पश्चात लंबे समय से एक भी प्रोन्नति नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है अतः संघ मांग करती है कि कर्मचारियों के प्रोन्नति के पश्चात ही नियमित( रोटेशनल) स्थान्तरण किया जाये.
