जमशेदपुर: शहर के साकची स्थित न्यू बाराद्वारी में नेफ्रो-यूरोलॉजी एंड स्टोन सेंटर (डॉ. डीके मिश्रा क्लिनिक) में पथरी का ऑपरेशन कराने आए एक मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घटना के बाद रविवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया.


मृतक की पहचान पोरेस भगत के रूप में हुई है, जो पोटका प्रखंड के आसनबनी काला पत्थर पथरी गांव के निवासी थे. सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया.
मृतक के साले वीरेन भगत ने बताया कि पोरेस भगत को आयुष्मान भारत योजना के तहत किडनी स्टोन के ऑपरेशन के लिए 12 मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे से 2:30 बजे तक उनका ऑपरेशन चला. परिजनों के अनुसार शनिवार दोपहर भोजन के बाद उनका पेट फूलने लगा और सांस लेने में तकलीफ होने लगी.
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों से स्थिति बिगड़ने की जानकारी देते हुए दूसरे अस्पताल रेफर करने की मांग की, लेकिन डॉक्टरों ने जल्द ठीक होने का भरोसा देकर उन्हें वहीं रखा. आरोप है कि शनिवार रात करीब 12 बजे ही पोरेस भगत की मौत हो गई थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को मिलने नहीं दिया. बाद में रात करीब 3 बजे आधिकारिक तौर पर मौत की सूचना दी गई और शव तुरंत ले जाने का दबाव बनाया गया.
रविवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. पोरेस भगत आदित्यपुर की एक कंपनी में ठेका मजदूर के रूप में काम करते थे और परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे. परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी है. उनका बेटा वर्तमान में धनबाद से माइनिंग इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है.
हंगामे की सूचना पर सीतारामडेरा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई. अंततः अस्पताल प्रबंधन द्वारा दो लाख रुपये मुआवजा देने पर मामला शांत हुआ.

