जमशेदपुर: उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय बैंकर्स समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में वार्षिक ऋण योजना और उपलब्धियों की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र में ऋण वितरण, फार्म और क्रॉप लोन की स्थिति, और केसीसी आवेदनों के निष्पादन पर विशेष बल दिया.

उपायुक्त ने कहा कि मात्र 46,573 किसानों तक केसीसी का लाभ पहुंचना चिंता का विषय है. उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के साथ ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. साथ ही, लक्ष्य की पूर्ति हेतु शीघ्र रणनीति तैयार करने का परामर्श दिया गया.
बैठक में यह भी पाया गया कि जिले के लगभग 22 हजार विशेष रूप से संवेदनशील आदिम जनजाति समुदायों तक बैंकों की सीधी पहुंच नहीं है. उपायुक्त ने बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे इन क्षेत्रों तक अपनी पहुँच सुनिश्चित करें और किसानों को एनपीए या भूमि रिकॉर्ड के अभाव में आने वाली तकनीकी बाधाओं से अवगत कराते हुए जागरूकता अभियान चलाएं. इसके अलावा, उपायुक्त ने MSME ऋण स्वीकृति की गति में तेजी लाने और एजुकेशन लोन की समीक्षा में धीमी प्रगति पर असंतोष जताया. उन्होंने कहा कि सभी बैंक प्रो- एक्टिव होकर योजनाओं से पात्र नागरिकों को लाभान्वित करें. साथ ही, PMFME योजना की समीक्षा के दौरान महिलाओं, वंचित वर्गों और विशेष रूप से संवेदनशील आदिम जनजातीय समूह को प्राथमिकता देने की बात कही गई. उपायुक्त ने बैंकों को प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण वितरण बढ़ाने और लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बैंकों को अपने सामाजिक दायित्वों को समझते हुए जनहितकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए.

