जमशेदपुर: समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी द्वारा श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की सोमवार को विस्तृत समीक्षा बैठक की गई. बैठक में श्रम उपाधीक्षक, जिला नियोजन पदाधिकारी, जिला कौशल पदाधिकारी और अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.


उपायुक्त ने कहा कि रोजगार मेला युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बने. योजनाओं का क्रियान्वयन परिणामोन्मुखी हो तथा युवाओं को स्वरोजगार एवं कौशल उन्नयन के अधिकाधिक अवसर प्रदान किए जाएं.
श्रम विभाग की समीक्षा में झारखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण, ई-श्रम पोर्टल, श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं तथा न्यूनतम वेतन अधिनियम के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान, सुरक्षा, एवं कल्याण योजनाओं का लाभ आपसी समन्वय से दिलायें. वहीं नियोजन विभाग की समीक्षा में रोजगार मेला आयोजन, नियोक्ता पंजीकरण, प्रत्यक्ष रोजगार सृजन आदि की समीक्षा की गई. नियमित अंतराल पर रोजगार मेला, भर्ती मेला के आयोजन के निर्देश दिए गए. युवाओं के करियर काउंसिलिंग पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया. कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में सक्षम झारखण्ड योजना, मुख्यमंत्री सारथी योजना अंतर्गत बिरसा योजना, कल्याण गुरूकुल एवं मेगा स्किल सेंटर से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने कहा कि युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य होना चाहिए.

